कैला देवी जी की आरती

1 min read

कैला देवी जी की आरती

ॐ जय कैला रानी,
मैया जय कैला रानी।
ज्योति अखंड दिये माँ
तुम सब जगजानी॥
ॐ जय कैला रानी ।

तुम हो शक्ति भवानी
मन वांछित फल दाता ॥
मैया मन वांछित फल दाता ॥
अद्भुत रूप अलौकिक
सदानन्द माता ॥
ॐ जय कैला रानी ।

गिरि त्रिकूट पर बिराजै
चामुंडा संगा ॥
मैया चामुंडा संगा ॥
भक्तन पाप नसावे
बन पावन गंगा ॥
ॐ जय कैला रानी ।

भक्त बहोरा द्वारे रहता
करता अगवानी ॥
मैया करता अगवानी ॥
लाल ध्वजा नभ चूमत
राजेश्वरी रानी ॥
ॐ जय कैला रानी ।

नौबत बजे भवन में
शंक नाद भारी ॥
मैया शंक नाद भारी ॥
जोगिन गावत नाचत
दे दे कर तारी ॥
ॐ जय कैला रानी ।

ध्वजा नारियल रोली
पान सुपारी साथा ॥
मैया पान सुपारी साथा ॥
लेकर बड़े प्रेम से
जो जन यहाँ आता ॥
ॐ जय कैला रानी ।

दरस- परस कर माँ के
मुक्ती जन पाता ॥
मैया मुक्ती जन पाता
भक्त सरन में तेरी
रख अपने साखा ॥
ॐ जय कैला रानी ।

कैला जी की आरती
जो जन है गाता ॥
मैया जो जन है गाता ॥
सत्य कहे सत्य वाणी
पार उतर जाता ॥
ॐ जय कैला रानी ।

तन मन धन सुख सम्पति
सबकुछ है तेरा ॥
मैया सबकुछ है तेरा ॥
तेरा तुझको अर्पण
क्या लागे मेरा ॥
ॐ जय कैला रानी।

ॐ जय कैला रानी,
मैया जय कैला रानी ।
ज्योति अखंड दिये माँ
तुम सब जगजानी ॥
ॐ जय कैला रानी ।

Read Also: जुलम कर डारयो सितम कर डारयो

Read Also: हरिजी मेरी लागी लगन मत तोडना

You May Also Like

More From Author

+ There are no comments

Add yours